Latest: Google ने रोके 17 लाख से ज्यादा ऐप्स, 80 हजार अकाउंट्स, आपकी वजह से किया ऐसा?
Feb 19, 2026 | by Janjeevan
19 फरवरी को गूगल ने अपने सिक्योरिटी ब्लॉग में बताया कि कंपनी ने 2025 में 1.75 मिलियन यानी 17.5 लाख से ज्यादा ऐप्स को गूगल प्ले पर पब्लिश होने से रोका है, क्योंकि इन ऐप्स ने कंपनी की पॉलिसी तोड़ी थी। इतना ही नहीं, टेक कंपनी ने 80,000 से ज्यादा डेवलपर अकाउंट भी बैन कर दिए। ये अकाउंट्स गलत काम या धोखाधड़ी से जुड़े थे और बार-बार पॉलिसी तोड़ रहे थे।
इतना ही नहीं, Google की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उसने 2,55,000 से ज्यादा ऐप्स को यूजर के सेंसिटिव डेटा तक पहुंचने से भी रोका है। कंपनी ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी को पहले से ज्यादा मजबूत किया है। गूगल ने एंड्रॉयड स्टूडियो में प्ले पॉलिसी इनसाइट्स और गूगल प्ले पर डेटा सेफ्टी सेक्शन जैसे टूल्स के जरिए प्राइवेसी के खतरे को कम किया है। कंपनी का दावा है कि इन उपायों की मदद से डेवलपर्स को प्राइवेसी सेंसिटिव परमिशन के लिए आई रिक्वेस्ट को कम करने और यूजर सेंट्रिक डिजाइन प्रैक्टिस को प्राथमिकता देने के लिए डिजाइन किया गया है।
Google ने अपने एंटी-स्पैम सिस्टम को भी बेहतर बनाया है। इससे 160 मिलियन स्पैम रेटिंग और रिव्यू ब्लॉक हो गए। इसके अलावा, कंपनी ने बताया कि इसके जेनरेटिव AI पावर्ड रिव्यू सिस्टम, अब डेवलपमेंट के दौरान ही ऐप्स को एनालाइज करते हैं। इससे प्ले स्टोर पर सबमिट होने से पहले मैलवेयर, स्पाइवेयर और फाइनेंशियल स्कैम ऐप्स का पता लगाने में मदद मिलती है।
मुख्य बिंदु
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मौजूदा सेफगार्ड के अलावा, पिछले साल कंपनी ने प्रोटेक्शन की एक नई लेयर्स भी अपनाई, जिससे युवा यूजर्स को गैंबलिंग या डेटिंग जैसी एक्टिविटी से जुड़े ऐप्स सर्च या डाउनलोड करने से रोका जा सके। Google के मुताबिक, Google Play Protect को पिछले साल और बेहतर बनाया गया था। कंपनी की मानें तो यह सिस्टम उन ऐप्स के इंस्टॉल होने की कोशिशों को एनालाइज करता और ऑटोमैटिकली ब्लॉक कर देता है, जो फाइनेंशियल फ्रॉड करने के लिए सेंसिटिव परमिशन का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।
इसने 2025 में 266 मिलियन उन इंस्टॉलेशन को भी रोका है, जो रिस्की थे। साथ ही, इस सिस्टम के जरिए यूजर्स को 8,72,000 यूनिक हाई-रिस्क ऐप से भी बचाया गया है।
कंपनी ने फोन कॉल के दौरान होने वाले सोशल इंजीनियरिंग अटैक को टारगेट करने वाले नए प्रोटेक्शन भी पेश किए गए। Google का नया इन-कॉल स्कैम प्रोटेक्शन फीचर यूजर्स को कॉल के दौरान प्ले प्रोटेक्ट को डिसेबल करने से रोकता है। इसे इसलिए डिजाइन किया गया है ताकि स्कैमर्स लोगों को बिल्ट-इन सिक्योरिटी डिफेंस बंद करने और कॉल के बीच में मैलिशियस ऐप इंस्टॉल करने के लिए नहीं मना पाए।
लेखक के बारे मेंमोना दीक्षितमोना दीक्षित, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। यह पिछले 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं। इन्होंने न्यूजबाइट्स और जी मीडिया की प्रमुख टेक्नोलॉजी वेबसाइट टेक्लूसिव में लंबे समय तक काम किया है। टेक जर्नलिस्ट के तौर पर मोना को गैजेट्स न्यूज, टेक टिप्स एंड ट्रिक्स, एआई न्यूज, गैजेट रिव्यूज लिखने का अच्छा अनुभव है। यह टेलिकॉम सेक्टर और ऐप्स की दुनिया में हो रहे बदलावों पर भी नजर रखती हैं। टेक के क्षेत्र में हो रहीं नई रिसर्च, गवर्नमेंट पॉलिसी पर पाठकों को आसान भाषा में न्यूज समझाती हैं। मोना ने बैचलर ऑफ साइंस के बाद मास्टर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री नोएडा के IMS कॉलेज से ली है।... और पढ़ें

