Galgotias Drone Controversy: गलगोटिया ने रोबो डॉग ही नहीं चीनी ड्रोन को भी बताया अपनी खोज? 40 हजार रुपये में ऑनलाइन बिक रहा
Feb 18, 2026 | by Janjeevan
रोबो डॉग के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी ड्रोन विवाद में उलझ गई है। इससे जुड़े वीडियो में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधी एक बॉल जैसे ड्रोन को कैंपस की मूल खोज बता रहे हैं। वहीं इंटरनेट पर बताया जा रहा है कि यह ड्रोन अंतरराष्ट्रीय बाजार में मिलने वाले Striker V3 ARF जैसा दिखता है।इसे स्काईबॉल ड्रोन कंपनी बनाती है। इस ड्रोन को खासकर ड्रोन सॉकर नाम के खेल के लिए बनाया गया है। इसकी कीमत करीब 40,000 हजार रुपये है। इस वीडियो के आने के बाद से एक बार फिर गलगोटिया यूनिवर्सिटी की आलोचना का दौर शुरू हो गया है।
India AI Impact Summit में गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने एक चीनी रोबो डॉग को अपना बताया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने यूनिवर्सिटी का झूठ पकड़ लिया। अगले दिन गलगोटिया यूनिवर्सिटी की ओर से सफाई आई कि उन्होंने रोबो डॉग को अपना नहीं बताया है। हालांकि इंटरनेट पर गलगोटिया यूनिवर्सिटी का वीडियो काफी चल रहा है, जिसमें यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधी इस तरह से बात कर रहीं हैं जैसे कि रोबो डॉग उनकी यूनिवर्सिटी में ही तैयार हुआ हो।
Striker V3 ARF एक ऐसा ड्रोन है, जिसे कि खास ड्रोन सॉकर जैसे खेलों के लिए तैयार किया गया है। इस ड्रोन की खासियत है कि इसके चारों तरफ कार्बन फाइबर का एक कवच होता है, जो कि इसे क्रैश होने से भी बचाता है। ड्रोन सॉकर एक ऐसा खेल हैं जिसमें ड्रोन एक-दूसरे से टकराते हैं। ऐसे में यह कवच पंखों और अंदर के सर्किट को सुरक्षित रखता है।
मुख्य बिंदु
- Striker V3 ARF एक ऐस...
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इस घटनाक्रम पर प्रोफेसर नेहा सिंह ने सफाई दी है कि यह विवाद कम्युनिकेशन गैप की वजह से हुआ है। उन्होंने इस बात को मानने से इंकार किया है कि उन्हें आदेश देकर समिट से बाहर जाने के लिए कहा गया है। हालांकि अभी ड्रोन वाले मुद्दे पर यूनिवर्सिटी की ओर से कोई सफाई नहीं आई है।
लेखक के बारे मेंभव्य भारद्वाजभव्य भारद्वाज, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पिछले 10 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं। इन्होंने जी न्यूज (डीएनए), इंडिया न्यूज, यूसी न्यूज, ओपो इंडिया और बाइटडांस (टिकटॉक) जैसी प्रमुख न्यूज वेबसाइट्स और ऐप्स में काम किया है। टेक जर्नलिस्ट के तौर पर भव्य टेक-गैजेट न्यूज, टिप्स एंड ट्रिक्स, एआई न्यूज, गैजेट्स रिव्यूज और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें और लॉन्च इवेंट्स कवर करते आए हैं। दुनिया में टेक्नोलॉजी में हो रहे बदलावों पर इनकी पैनी नजर रहती है। अलग-अलग तरह के गैजेट्स, ऑडियो प्रोडक्ट्स और वियरेबल्स को पाठकों को आसान भाषा में समझाने का हुनर भव्य के पास है। इन्होंने बैचरल ऑफ आर्ट्स इन मास मीडिया एंड क्रिएटिव राइटिंग की डिग्री जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से ली है। उसके बाद हिसार के गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन (MJMC) किया है।... और पढ़ें

