कोलकाता, 16 अगस्त । कोलकाता के प्रतिष्ठित आरजी कर मेडिकल कॉलेज में बुधवार देर रात हुई हिंसक घटना के सिलसिले में पुलिस ने अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के आधार पर तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से एक मामला आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज हुआ है। शुक्रवार को कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस घटना ने शहर में भारी आक्रोश पैदा किया है और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच तेज कर दी है।
गुरुवार को दिनभर की पूछताछ के बाद 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनसे कोलकाता पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की। शाम होते-होते, पुलिस ने दो और संदिग्धों को हिरासत में लिया। इस तरह, अब तक कुल 12 लोग इस मामले में गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें से 10 लोगों को 22 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। पुलिस ने घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें साझा कीं, जिनमें आरोपियों को लाल घेरे में चिन्हित किया गया था। इन तस्वीरों के आधार पर पुलिस ने जनता से सूचना देने की अपील की, जिससे शाम को और गिरफ्तारियां हो सकीं।
यह हिंसक घटना तब घटी जब आरजी कर मेडिकल कॉलेज में पिछले सप्ताह एक महिला डॉक्टर के साथ हुए कथित बलात्कार और हत्या के विरोध में प्रदर्शन हो रहा था। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बुधवार रात अस्पताल के आपातकालीन विभाग में हमला किया गया। आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने डॉक्टरों और पुलिसकर्मियों पर हमला किया, जिसके परिणामस्वरूप सीसीटीवी कैमरे, कुर्सियां, टेबल, दरवाजे और अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों को क्षति पहुंचाई गई। हालांकि, पुलिस ने बताया कि वह कमरा, जहां कथित बलात्कार और हत्या की घटना हुई थी, पूरी तरह से सुरक्षित है और वहां तक कोई नहीं पहुंच पाया।
पुलिस ने इस हमले के संबंध में तोड़फोड़, सरकारी संपत्ति का नुकसान, और आर्म्स एक्ट के तहत तीन मामले दर्ज किए हैं। हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए, कोलकाता पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल स्वयं पूछताछ की प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।
इस घटना ने कोलकाता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और पुलिस अब पूरी तरह से मामले की तह तक पहुंचने के लिए जुटी हुई है।

