सहकारिता के माध्यम से मोदी सरकार ग्रामीण अर्थतंत्र को नई गति दे रही है : अमित शाह
Sep 19, 2024 | by Janjeevan
नई दिल्ली, 19 सितंबर: केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि मोदी सरकार सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया जीवन प्रदान कर रही है। शाह ने नई दिल्ली के पूसा स्थित आईसीएआर कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान सहकारिता मंत्रालय की 100 दिनों की पहल का उद्घाटन किया।
सम्मेलन के मुख्य सत्र में, अमित शाह ने “सहकार से समृद्धि” थीम के अंतर्गत मंत्रालय की “100 दिनों की पहल” की शुरुआत की। उन्होंने उन गांवों और पंचायतों में 2 लाख नई एमपीएसीएस, प्राथमिक डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों के गठन और सुदृढ़ीकरण की योजनाओं, श्वेत क्रांति 2.0 के लिए मानक संचालन प्रक्रिया और सहकारी समितियों के बीच सहयोग पर एक ‘मार्गदर्शिका’ का भी उद्घाटन किया।
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले 100 दिनों में सहकारिता क्षेत्र में किए गए कार्यों पर आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन में अमित शाह ने कहा कि पिछले 70 वर्षों में सरकार की अनदेखी के कारण सहकारिता आंदोलन की प्रासंगिकता घट गई थी। प्रशासन, अर्थव्यवस्था और अन्य क्षेत्रों में हो रहे परिवर्तनों को देखते हुए इस क्षेत्र में आवश्यक बदलाव नहीं किए गए। मंत्रालय के गठन का उद्देश्य सभी गांवों और जिलों में सहकारिता क्षेत्र को पुनर्जीवित करना था।
शाह ने तीन नई पहलों की एक साथ शुरुआत की जानकारी दी और विश्वास दिलाया कि पैक्स अब बंद नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि श्वेत क्रांति 2.0 महिला सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी और महिलाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगी।
केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने कहा कि श्वेत क्रांति 2.0 किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि मत्स्य और पशुपालन से जुड़े लोग असंगठित क्षेत्र में होने के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं, इसलिए सरकार ने श्वेत क्रांति 2.0 लॉन्च किया है। सिंह ने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत ने दूध उत्पादन में विश्व में पहले स्थान पर पहुंचकर दोगुनी वृद्धि की है।

