विश्व आदिवासी दिवस : खेल जगत में नए ‘चैंपियन’ के रूप में उभर रहे हैं गुजरात के आदिवासी युवा
Aug 09, 2024 | by Janjeevan
गांधीनगर, 9 अगस्त डांग की 'गोल्डन गर्ल' सरिता गायकवाड़ ने 2018 के एशियाई खेलों में महिलाओं की 4x400 मीटर रिले टीम में स्वर्ण पदक जीता, जबकि मुरली गावित ने 2019 की एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया, जिससे राज्य का मान बढ़ाया।
गुजरात खेल प्राधिकरण (एसएजी) ने राज्य में खेलों के वातावरण को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें स्कूल स्पोर्ट्स कॉन्टैक्ट प्रोग्राम, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, खेल प्रतिभा पुरस्कार, शक्तिदूत योजना, इनस्कूल योजना, जिला स्तरीय खेल स्कूल (डीएलएसएस) और खेल महाकुंभ शामिल हैं। राज्य सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के लिए विशेष कोचिंग, खेल किट, खेल ढांचा, यात्रा व्यय और पोषण जैसी सुविधाएं प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अगुवाई में गुजरात ने स्पोर्ट्स पॉलिसी 2022-27 की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य राज्य में खेल इकोसिस्टम को विकसित करना है। इस नीति के तहत आदिवासी क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। 2023-24 में अरवल्ली, बनासकांठा, भरूच, दाहोद, डांग, नर्मदा, नवसारी, पंचमहाल, साबरकांठा, सूरत, तापी और वलसाड के 15 जिला स्तरीय खेल स्कूलों के लिए 13,91,70,615 रुपए का अनुदान आवंटित किया गया है। इन स्कूलों में 1000 से अधिक आदिवासी छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। पिछले 10 वर्षों में, 15 आदिवासी खिलाड़ियों को खेल प्रतिभा पुरस्कार के रूप में 1 करोड़ 39 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई है।
गुजरात सरकार ने 'शक्तिदूत योजना' के तहत खिलाड़ियों को जरूरत के अनुसार सुविधाएं प्रदान की हैं। इस योजना के तहत सरिता गायकवाड़ को 2017 से 2024 के बीच 12 लाख रुपए की सहायता दी गई, जबकि मुरली गावित को इसी अवधि में 55,92,806 रुपए की सहायता मिली। 'स्वामी विवेकानंद गैर-निवासी प्रतिभा संवर्धन केंद्र' के अंतर्गत प्रति खिलाड़ी सालाना लगभग 65 हजार रुपए का खर्च होता है। इस योजना के तहत 336 आदिवासी खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर 7 रजत और 17 कांस्य सहित कुल 24 पदक जीते हैं। इसके अतिरिक्त, 'स्वामी विवेकानंद प्रतिभा संवर्धन केंद्र-आवासीय अकादमी' के तहत प्रति खिलाड़ी सालाना लगभग 3 लाख रुपए का खर्च किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत 444 आदिवासी खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर 350 और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 41 सहित कुल 391 पदक जीते हैं।
'इनस्कूल योजना' के तहत 14 आदिवासी जिलों के 79 स्कूलों में विद्यार्थी विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें स्कूल के दौरान 37,000 और आफ्टर सेशन में 4,000 से अधिक खिलाड़ी शामिल हैं। गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों में स्थित 9 'खेलो इंडिया जिला केंद्र' में कुल 292 खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। 2023 में आयोजित 'खेल महाकुंभ 2.0' में 16,86,331 खिलाड़ियों ने भाग लिया।
राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं में भी राज्य सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका है। 2023-24 की 67वीं एसजीएफआई अंडर-14, अंडर-17, और अंडर-19 प्रतियोगिताओं में गुजरात के 33 खिलाड़ियों ने खो-खो, हैंडबॉल, तीरंदाजी, राइफल शूटिंग, सॉफ्ट टेनिस, वॉलीबॉल और कुश्ती जैसे खेलों में पदक जीते हैं।

