नई दिल्ली, 12 अगस्त रविवार देर रात भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने कुश्ती, भारोत्तोलन, मुक्केबाजी, और जूडो जैसे खेलों में वजन प्रबंधन की जिम्मेदारी एथलीटों और उनके कोचों पर डाल दी है।
यह बयान खेल पंचाट न्यायालय में चल रहे मामले की पृष्ठभूमि में आया है, जिसमें विनेश फोगाट की संयुक्त रजत पदक के लिए अपील की जा रही है। उन्हें स्वर्ण पदक मैच की सुबह वजन कम न कर पाने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
आईओए के बयान में कहा गया है कि वजन प्रबंधन की जिम्मेदारी एथलीटों और उनके कोच की है, न कि आईओए द्वारा नियुक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनशॉ पारदीवाला और उनकी टीम की। पेरिस 2024 ओलंपिक खेलों में एथलीटों की सहायता के लिए उनकी अपनी सहायता टीमें थीं, जो वर्षों से उनके साथ काम कर रही हैं।
आईओए ने कुछ महीने पहले एक मेडिकल टीम नियुक्त की थी जो एथलीटों की प्रतियोगिता के दौरान और बाद में उनकी रिकवरी और चोट प्रबंधन में मदद करेगी। यह टीम उन एथलीटों की सहायता के लिए भी बनाई गई थी जिनके पास पोषण विशेषज्ञ और फिजियोथेरेपिस्ट नहीं थे।
बयान में कहा गया, “आईओए मेडिकल टीम, विशेष रूप से डॉ. पारदीवाला के प्रति नफरत अस्वीकार्य और निंदा के योग्य है। हमें उम्मीद है कि लोग जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों पर विचार करेंगे।”
सीएएस 13 अगस्त को विनेश फोगाट की अपील पर अंतिम फैसला सुनाएगा।

