• 04:18 PM- Apr 11, 2026

भारत वैश्विक खाद्य सुरक्षा के समाधान पर काम कर रहा है : प्रधानमंत्री मोदी


भारत वैश्विक खाद्य सुरक्षा के समाधान पर काम कर रहा है : प्रधानमंत्री मोदी
Image Source By : Janjeevan

नई दिल्ली, 3 अगस्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय कृषि अर्थशास्त्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत एक खाद्य अधिशेष देश बन चुका है और वैश्विक खाद्य सुरक्षा के समाधान पर काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हम किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कृषि क्षेत्र में सुधार और उपायों को लागू कर रहे हैं।

नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय कृषि अर्थशास्त्री परिषद् के 32वें अधिवेशन के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि 65 वर्षों में पहली बार भारत में कृषि अर्थशास्त्रियों का सम्मेलन हो रहा है। उन्होंने इस अवसर को एक महान घटना बताते हुए कहा कि पिछली बार जब यह सम्मेलन भारत में हुआ था, तब देश नई आजादी की ओर बढ़ रहा था और कृषि क्षेत्र को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। आज भारत खाद्य अधिशेष देश है और दूध, दाल और मसालों का सबसे बड़ा उत्पादक है। पहले भारत की खाद्य सुरक्षा एक वैश्विक चिंता का विषय थी, लेकिन आज भारत वैश्विक खाद्य और पोषण सुरक्षा के समाधान पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि को हमारी आर्थिक नीति का केंद्र बताते हुए कहा कि लगभग 90% भारतीय परिवारों के पास बहुत सीमित भूमि है, और ये छोटे किसान भारत की खाद्य सुरक्षा की प्रमुख ताकत हैं। यह स्थिति एशिया के कई देशों में भी है, इसलिए भारत का मॉडल अन्य देशों के लिए भी उपयोगी हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा मोटे अनाज (मिलेट) उत्पादक है, जिसे ‘सुपरफूड’ माना जाता है और इसे हमने श्रीअन्न के रूप में मान्यता दी है। ये सुपरफूड न्यूनतम जल उपयोग और अधिकतम उत्पादन के सिद्धांत पर आधारित हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की प्राचीन कृषि परंपराओं और खाद्य पदार्थों की मान्यताएं भी उतनी ही प्राचीन हैं। भारतीय कृषि परंपरा में विज्ञान और तर्क को प्राथमिकता दी जाती है, और आयुर्वेद के तहत अन्न के औषधीय उपयोग की परंपरा रही है। यह पारंपरिक ज्ञान भारत की सामाजिक जीवन का हिस्सा है।

इससे पहले केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्मेलन में आए देश-विदेश के प्रतिनिधियों का स्वागत किया और प्रास्ताविक भाषण दिया।