नई दिल्ली, 21 अगस्त । राष्ट्रीय दलित एवं आदिवासी संगठन परिसंघ के आह्वान पर आज सुबह से भारत बंद शुरू हो गया है, जिसका प्रभाव बिहार में देखने को मिला है। राज्य के जहानाबाद में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 83 को अवरुद्ध कर विरोध प्रदर्शन किया, जबकि पूर्णिया में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आरा रेलवे स्टेशन पर रानी कमलापति-सहरसा एक्सप्रेस को रोक दिया गया।
परिसंघ ने हाशिये पर पड़े समुदायों के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व और सुरक्षा की मांग को लेकर इस भारत बंद का आह्वान किया है। संगठन ने अपनी मांगों की एक सूची भी जारी की है, जिसमें प्रमुख रूप से अनुसूचित जातियों (एससी), अनुसूचित जनजातियों (एसटी), और अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) के लिए न्याय और समानता की मांग शामिल है। परिसंघ हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की सात न्यायमूर्तियों की पीठ द्वारा दिए गए फैसले से असहमति व्यक्त करता है और सरकार से एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण पर नए कानून की मांग कर रहा है।
बहुजन समाज पार्टी ने भी इस भारत बंद का समर्थन किया है। बिहार में राष्ट्रीय जनता दल, विकासशील इंसान पार्टी सहित कई दलों ने भी इसका समर्थन किया है। राज्य के कई जिलों में भारत बंद का असर देखा जा रहा है, जहां प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर दी हैं।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भारत बंद का समर्थन किया है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "आरक्षण की रक्षा के लिए जन-आंदोलन एक सकारात्मक प्रयास है। यह शोषित-वंचित समुदायों के बीच चेतना का नया संचार करेगा और आरक्षण के खिलाफ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ से बचाने के लिए जन शक्ति का कवच बनेगा।"

