डेरा प्रमुख की रस्म-पगड़ी आज, हिंसा की आशंका से भारी पुलिस बल तैनात, इंटरनेट बंद
Aug 08, 2024 | by Janjeevan
सिरसा, 8 अगस्त डेरा जगमालवाली के संत वकील साहब की रस्म पगड़ी गुरुवार को पुलिस की कड़ी निगरानी में आयोजित की जाएगी। सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और सिरसा जिले में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। डेरा जगमालवाली की गद्दी को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद जारी है।
संत वकील साहब की रस्म पगड़ी आज होने वाली है। डेरा की गद्दी को लेकर संभावित टकराव को देखते हुए हरियाणा सरकार ने डेरा जगमालवाली को छावनी में तब्दील कर दिया है। सिरसा प्रशासन को चिंता है कि दो पक्षों के बीच झगड़ा हो सकता है, और इसके परिणामस्वरूप सिरसा में हिंसा फैल सकती है। पुलिस फोर्स को सिरसा, फतेहाबाद, और हिसार से बुलाया गया है। रस्म पगड़ी के अवसर पर हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और अन्य राज्यों से हजारों श्रद्धालु आ रहे हैं।
एसपी दीप्ति गर्ग ने बताया कि सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। 15 से 16 कंपनियां तैनात की गई हैं ताकि कानून व्यवस्था बनाए रखी जा सके। बुधवार शाम 7 बजे से पूरे सिरसा जिले में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
डेरा जगमालवाली के संत वकील साहब का 1 अगस्त को निधन हो गया था, जिसके बाद से गद्दी को लेकर विवाद बढ़ गया है और दो पक्षों के बीच फायरिंग भी हुई। इस विवाद में एक पक्ष, महात्मा बीरेंद्र सिंह, वसीयत के आधार पर गद्दी पर अपना दावा कर रहे हैं, जबकि डेरा प्रमुख के भतीजे अमर सिंह वसीयत और मौत को संदिग्ध मानते हैं।
अमर सिंह का दावा है कि वकील साहब की मौत 21 जुलाई को हो चुकी थी, लेकिन डेरे और संगत को गुमराह कर 1 अगस्त को मौत दिखाकर अंतिम संस्कार की योजना बनाई गई। उन्होंने बीरेंद्र सिंह और उनके साथियों पर आरोप लगाया कि जानबूझकर मौत को छिपाया गया।
वहीं, महात्मा बीरेंद्र सिंह के समर्थक शमशेर सिंह लहरी का कहना है कि डेरे के प्रमुख ने डेढ़ साल पहले ही वसीयत महात्मा बीरेंद्र सिंह के नाम की थी और वसीयत के अनुसार वह डेरे के उत्तराधिकारी हैं। लेकिन दूसरा पक्ष उन्हें उत्तराधिकारी मानने को तैयार नहीं है।

