टेरर फंडिंग केसः लोकसभा चुनाव जीते राशिद इंजीनियर की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई, एनआईए को नोटिस
Aug 21, 2024 | by Janjeevan
नई दिल्ली, 21 अगस्त । दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने आज जम्मू-कश्मीर में टेरर फंडिंग केस में आरोपित और लोकसभा चुनाव में जीतने वाले सांसद राशिद इंजीनियर की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने इस मामले में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को नोटिस जारी किया है। जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 28 अगस्त को होगी।
कोर्ट ने राशिद इंजीनियर को पांच जुलाई को लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के लिए दो घंटे की कस्टडी पेरोल पर रिहा करने का आदेश दिया था। राशिद इंजीनियर ने 2024 के लोकसभा चुनाव में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को लगभग एक लाख मतों से हराकर जीत दर्ज की थी। वर्तमान में राशिद इंजीनियर दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद हैं। उन्हें 2016 में एनआईए द्वारा गिरफ्तार किया गया था।
पटियाला हाउस कोर्ट ने 16 मार्च, 2022 को हाफिज सईद, सैयद सलाहुद्दीन, यासिन मलिक, शब्बीर शाह और मसरत आलम, राशिद इंजीनियर, जहूर अहमद वताली, बिट्टा कराटे, आफताब अहमद शाह, अवतार अहम शाह, नईम खान, बशीर अहमद बट्ट उर्फ पीर सैफुल्ला समेत अन्य आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। एनआईए के अनुसार, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के सहयोग से लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन, जेकेएलएफ, जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों ने जम्मू-कश्मीर में नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हमले और हिंसा को अंजाम दिया। 1993 में अलगाववादी गतिविधियों के लिए ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस की स्थापना की गई थी।
एनआईए के मुताबिक, हाफिज सईद ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेताओं के साथ मिलकर हवाला और अन्य चैनलों के माध्यम से आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाया। इस धन का उपयोग घाटी में अशांति फैलाने, सुरक्षा बलों पर हमले, स्कूलों को जलाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया। इस सूचना के आधार पर गृह मंत्रालय ने एनआईए को मामले की जांच का आदेश दिया और भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 121, 121ए और यूएपीए की धारा 13, 16, 17, 18, 20, 38, 39 और 40 के तहत केस दर्ज किया गया।

