• 04:19 PM- Apr 11, 2026

झारखंड हाई कोर्ट से डीआईजी आरपीएफ संतोष दुबे को बड़ी राहत, रेलवे का प्रीमेच्योर रिटायरमेंट का आदेश रद्द


झारखंड हाई कोर्ट से डीआईजी आरपीएफ संतोष दुबे को बड़ी राहत, रेलवे का प्रीमेच्योर रिटायरमेंट का आदेश रद्द
Image Source By : Janjeevan

रांची, 6 अगस्त झारखंड हाई कोर्ट ने धनबाद के तत्कालीन सीनियर कमांडेंट रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) संतोष कुमार दुबे को प्रीमेच्योर रिटायरमेंट देने के रेलवे बोर्ड के आदेश को मंगलवार को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने रेलवे बोर्ड को संतोष कुमार दुबे की तत्काल जॉइनिंग के निर्देश भी दिए हैं। कोर्ट ने इस मामले को निष्पादित कर दिया है। 

संतोष कुमार दुबे, जो वर्तमान में डीआईजी आरपीएफ के पद पर लखनऊ में तैनात हैं, ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। दरअसल, उनके खिलाफ सीबीआई ने 1.48 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति के मामले में 10 जुलाई 2013 को दानापुर, पटना में मामला दर्ज किया था। इसके बाद आरपीएफ नई दिल्ली ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया था। 

सीबीआई ने उनके झारखंड में पदस्थापना के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया था, जिसका चेक पीरियड 1998 से 2013 तक था। सीबीआई ने 28 जून 2022 को संतोष कुमार दुबे, उनकी पत्नी प्रिया दुबे और अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद 22 जुलाई 2022 को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश पटना ने मामले में संज्ञान लिया। 31 जनवरी 2023 को आरपीएफ ने विभागीय कार्रवाई शुरू की थी। 

संतोष कुमार दुबे ने इस विभागीय कार्रवाई को झारखंड हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। 5 अक्टूबर 2023 को हाई कोर्ट ने विभागीय कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। बावजूद इसके, रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली ने 5 दिसंबर 2023 को 1802 (ए) इंडियन स्टेबलाइजमेंट कोड के तहत उन्हें प्रीमेच्योर रिटायरमेंट दे दिया था। 

हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को 7 नवंबर 2023 तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था, लेकिन जब केंद्र सरकार ने जवाब नहीं दिया, तो कोर्ट ने संतोष कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई पर रोक जारी रखी। संतोष कुमार ने प्रीमेच्योर रिटायरमेंट को चुनौती देते हुए हस्तक्षेप याचिका (आईए) दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान, झारखंड हाई कोर्ट ने पूर्व में दिए गए प्रीमेच्योर रिटायरमेंट के आदेश पर रोक लगाते हुए रेलवे बोर्ड को संतोष कुमार की तत्काल जॉइनिंग का आदेश दिया।