एक्सपर्ट्स ने खारिज की हिंडनबर्ग की रिपोर्ट, एएमएफआई ने भी दी नजरअंदाज करने की सलाह
Aug 12, 2024 | by Janjeevan
नई दिल्ली, 12 अगस्त एडलवाइज फाइनेंशियल एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड (एएफआईएल) और राठी सिक्योरिटीज एंड फंड्स लिमिटेड (आरएसएफएल) जैसे मार्केट एक्सपर्ट्स ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने बाजार पर मामूली असर डाला था, लेकिन शुरुआती गिरावट के बाद बाजार ने तेजी से रिकवरी कर ली।
मोहन सुतार, एएफआईएल के चीफ एनालिस्ट, का कहना है कि हिंडनबर्ग के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। हिंडनबर्ग ने पहले भी अपनी रिपोर्ट्स के जरिए बाजार में पैनिक पैदा किया है और शॉर्ट सेलिंग से मुनाफा कमाया है। इससे भारतीय निवेशक सतर्क हो गए हैं और आज बाजार में शुरुआती गिरावट के बावजूद रिकवरी देखने को मिली।
**सुरेंद्र राठी**, आरएसएफएल के वाइस प्रेसिडेंट, का कहना है कि निवेशकों को हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को नजरअंदाज कर देना चाहिए। सेबी और अडानी ग्रुप ने अपनी सफाई पेश की है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सतही जानकारी पर आधारित है और भारतीय बाजार में पैनिक पैदा करने की कोशिश है।
एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) ने भी एक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट भारत के कैपिटल मार्केट और आर्थिक तरक्की को नीचा दिखाने की कोशिश है। एएमएफआई के अनुसार, हिंडनबर्ग ने सिर्फ घरेलू शेयर बाजार में सनसनी फैलाने की कोशिश की है, जिससे भारतीय बाजार में हड़कंप जैसा माहौल बनाया जा सके। एएमएफआई ने कहा कि भारत का रेगुलेटरी इंफ्रास्ट्रक्चर ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस और स्टैंडर्ड के अनुसार काम करता है और छोटे निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
इन प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट है कि भारतीय निवेशक और एक्सपर्ट्स हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और इसे भारतीय बाजार के खिलाफ एक असफल प्रयास मान रहे हैं।

