Success Story: नौकरी नहीं अपना काम, वायु सेना अधिकारी के बेटे को धुन हुई सवार, आज 1 करोड़ का बिजनेस
Feb 22, 2026 | by Janjeevan
पवित्र जोशी अल्मोड़ा जिले से आते हैं। उनके पिता भारतीय वायु सेना में जूनियर वारंट ऑफिसर के पद पर थे। जोशी ने हैदराबाद के केंद्रीय विद्यालय से पहली से चौथी कक्षा तक पढ़ाई की। बाद में वह दिल्ली के रोहिणी स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल में पढ़े। उन्होंने 2017 में दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से जूलॉजी में बीएससी की डिग्री हासिल की। शुरुआत में पवित्र जोशी मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी कर रहे थे। हालांकि, उनकी दिलचस्पी धीरे-धीरे व्यवसाय की ओर बढ़ी। स्नातक होने के बाद पवित्र ने 2018 में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) में सोशल एंटरप्रेन्योरशिप में मास्टर डिग्री के लिए प्रवेश लिया। 2019 में इसी अकादमिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक कॉलेज पायलट प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू किया। उन्होंने अपना बिजनेस मॉडल तैयार किया और 'कुमाऊंखंड' की नींव रखी।
2019 में शुरू हुई पवित्र जोशी की कंपनी वर्तमान में कुमाऊं क्षेत्र के लगभग 2,500 किसानों के साथ मिलकर काम करती है। यह कंपनी एक मल्टी-माइक्रो-हब और स्पोक मॉडल का इस्तेमाल करती है। यह मॉडल स्थानीय कृषि समुदायों को सशक्त बनाता है। किसानों को ग्रेडिंग और छंटाई खुद संभालने का मौका मिलता है। इससे मौसमी आय पैदा होती है। कंपनी की शुरुआत बहुत छोटी थी। प्रोजेक्ट के तौर पर पवित्र को TISS से 15,000 रुपये की प्रारंभिक फंडिंग मिली। मई 2019 में उन्होंने हेम्प (भांग) सीड ऑयल लॉन्च किया। इसके लिए उन्होंने कुमाऊं क्षेत्र के 15 किसानों के साथ मिलकर काम किया। उत्पादन सुनिश्चित होने पर उन्होंने तेल को प्रोसेस करने के लिए स्थानीय निर्माताओं के साथ सहयोग किया।
पवित्र जोशी का सफर अत्यधिक जोखिम भरे नियामक वातावरण के साथ शुरू हुआ। कारण है कि उत्तराखंड की औद्योगिक भांग नीति उस समय अपने प्रायोगिक चरणों में थी। जमीनी स्तर पर संचार अंतर को पाटना कठिन चुनौती साबित हुई। उन्हें स्थानीय ग्राम समुदायों को अपने नजरिये को प्रभावी ढंग से समझाने के लिए अंग्रेजी-आधारित व्यावसायिक प्रजेंटेशन को हिंदी और कुमाओनी में अनुवाद करना सीखना पड़ा। आधिकारिक निगमन के बाद इसने सीड ऑयल, आटा, चॉकलेट, स्किन केयर प्रोडक्ट, रस्सियों और हाथ से बुने हुए कपड़ों सहित 35 अलग-अलग तरह के प्रोडक्ट बनाए।
मुख्य बिंदु
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पवित्र जोशी की कंपनी ने वित्त वर्ष 2021-22 में लगभग 4 लाख रुपये का सालाना रेवेन्यू जेनरेट किया। वित्त वर्ष 2022-23 में यह बढ़कर लगभग 24 लाख रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी ने 38 लाख रुपये की कमाई की। इसके बाद वित्त वर्ष 2024-25 में 50 लाख रुपये का रेवेन्यू हासिल किया। अब तक कंपनी ने लगभग 1.16 करोड़ रुपये की कुल कमाई की है। अगले पांच से दस साल में पवित्र जोशी कुमाऊंखंड को विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त ब्रांड के रूप में विकसित होते हुए देखते हैं।
लेखक के बारे मेंअमित शुक्लाअमित शुक्ला, नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं। वह 18 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता से जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, शेयर मार्केट, राजनीति, देश-विदेश, प्रॉपर्टी, करियर जैसे तमाम विषयों को कवर किया है। पत्रकारिता और जनसंचार में PhD करने वाले अमित शुक्ला 7 साल से भी ज्यादा समय से टाइम्स इंटरनेट लिमिटेड के साथ जुड़े हैं। टाइम्स इंटरनेट में रहते हुए नवभारतटाइम्स डॉट कॉम से पहले इकनॉमिकटाइम्स डॉट कॉम में सेवाएं दीं। उन्होंने टीवी टुडे नेटवर्क, दैनिक जागरण, डीएलए जैसे मीडिया संस्थानों के अलावा शैक्षणिक संस्थानों के साथ भी काम किया है। इनमें शिमला यूनिवर्सिटी- एजीयू, टेक वन स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय (नोएडा) शामिल हैं। लिंग्विस्ट के तौर पर भी पहचान बनाई है। मार्वल कॉमिक्स ग्रुप, सौम्या ट्रांसलेटर्स, ब्रह्मम नेट सॉल्यूशन, सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी और लिंगुअल कंसल्टेंसी सर्विसेज समेत कई अन्य भाषा समाधान प्रदान करने वाले संगठनों के साथ फ्रीलांस काम किया।... और पढ़ें

