वरिष्ठ पत्रकार प्रताप राव कौशिक के 30 वर्ष: राजस्थान की राजनीतिक पत्रकारिता के साक्षी और विश्लेषक
Feb 25, 2026 | by Janjeevan
जयपुर: तीन दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार प्रताप राव कौशिक राजस्थान की राजनीतिक रिपोर्टिंग और चुनाव विश्लेषण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नाम रहे हैं। वर्ष 1994 में अपने करियर की शुरुआत करने वाले कौशिक ने प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया — तीनों माध्यमों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए राज्य की राजनीतिक पत्रकारिता के विकास को नज़दीक से देखा और उसमें योगदान दिया।
उनका पेशेवर सफर राजस्थान की राजनीतिक मीडिया संस्कृति के परिवर्तन का दर्पण माना जा सकता है।
प्रिंट पत्रकारिता से राजनीतिक रिपोर्टिंग की शुरुआत
प्रताप राव कौशिक ने 1994 में राजस्थान पत्रिका में प्रशिक्षु पत्रकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। शुरुआती दौर में उन्होंने विधानसभा, स्थानीय शासन और क्षेत्रीय राजनीतिक घटनाक्रमों पर रिपोर्टिंग की।
समय के साथ वे सब-एडिटर और ब्यूरो इंचार्ज जैसे पदों पर कार्यरत रहे तथा बाद में महानगर टाइम्स में चीफ रिपोर्टर के रूप में जिम्मेदारी निभाई। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक घटनाओं की संरचित और विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग की पहचान बनाई।
टेलीविजन पत्रकारिता और चुनावी कवरेज में नेतृत्व
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के विस्तार के साथ कौशिक ने टेलीविजन पत्रकारिता में प्रवेश किया और विभिन्न समाचार चैनलों में वरिष्ठ संपादकीय पदों पर कार्य किया।
उनके प्रमुख पदों में शामिल हैं:
- न्यूज कोऑर्डिनेटर – ETV राजस्थान
- स्टेट ब्यूरो चीफ – CNEB न्यूज़ चैनल
- एडिटर-इन-चीफ – HBC न्यूज़ चैनल
- कंसल्टिंग एडिटर – फर्स्ट इंडिया न्यूज़ (जयपुर)
- एग्जीक्यूटिव एडिटर – इंडिया न्यूज़ राजस्थान
- कंसल्टिंग एडिटर – इंडिया न्यूज़ नेटवर्क
इन भूमिकाओं में उन्होंने चुनावी कवरेज, राजनीतिक बहसों और राज्यव्यापी रिपोर्टिंग रणनीतियों का नेतृत्व किया।
लोकसभा और विधानसभा चुनावों की विश्लेषणात्मक कवरेज
प्रताप राव कौशिक ने लोकसभा और राजस्थान विधानसभा चुनावों के दौरान विशेष चुनावी कार्यक्रमों की योजना और संचालन में प्रमुख भूमिका निभाई। चीफ एग्जीक्यूटिव के रूप में उन्होंने:
- स्टूडियो आधारित राजनीतिक बहसों की रूपरेखा तैयार की
- लाइव चुनावी रोड शो का संचालन किया
- जिला स्तरीय रिपोर्टिंग नेटवर्क का समन्वय किया
- मतदाता रुझानों और नीतिगत मुद्दों का विश्लेषण प्रस्तुत किया
उनकी चुनावी कवरेज में मुद्दा-आधारित चर्चा, घोषणापत्र विश्लेषण और शासन संबंधी सवालों को प्रमुखता दी गई।
जन-चर्चा और नीति विमर्श के कार्यक्रम
कौशिक ने ‘बेबाक बात’, ‘बड़ी बहस’ और ‘आमने-सामने’ जैसे कार्यक्रमों का संचालन और निर्माण किया। उन्होंने 300 से अधिक साक्षात्कार लिए और 1,000 से अधिक समाचार कार्यक्रमों में भागीदारी की।
इन कार्यक्रमों में राजनीतिक नेताओं, सैन्य अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नीति निर्माताओं से संवाद किया गया, जिससे सार्वजनिक विमर्श को दिशा मिली।
सीमावर्ती क्षेत्रों से जमीनी रिपोर्टिंग
राजस्थान के अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती क्षेत्रों से भी प्रताप राव कौशिक ने संवेदनशील समय में रिपोर्टिंग की। अग्रिम मोर्चों से की गई उनकी कवरेज ने सुरक्षा और सामरिक परिस्थितियों की जमीनी जानकारी दर्शकों तक पहुंचाई।
साथ ही, उन्होंने सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों — जैसे खुले बोरवेल दुर्घटनाओं — पर भी खोजी रिपोर्टिंग की, जिससे जनजागरूकता बढ़ी।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और विश्लेषणात्मक दृष्टि
प्रताप राव कौशिक ने राजस्थान विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है तथा पत्रकारिता में डिप्लोमा भी किया है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने राजनीतिक विश्लेषण और नीति-आधारित रिपोर्टिंग को मजबूती दी।
डिजिटल युग में सक्रिय भूमिका
हाल के वर्षों में वे डिजिटल मीडिया से भी जुड़े हैं। रितम डिजिटल प्लेटफॉर्म में कंटेंट हेड के रूप में उन्होंने डिजिटल न्यूज रणनीति और ऑनलाइन मीडिया विस्तार में योगदान दिया है।
उनका यह बदलाव दर्शाता है कि राजस्थान की राजनीतिक पत्रकारिता अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी प्रभावी रूप से स्थापित हो रही है।
तीन दशक की सक्रिय राजनीतिक पत्रकारिता
30 से अधिक वर्षों के अनुभव के साथ प्रताप राव कौशिक आज भी सार्वजनिक विमर्श और राजनीतिक विश्लेषण में सक्रिय हैं। उनका करियर राजस्थान की राजनीतिक पत्रकारिता के विकास और परिवर्तन का सजीव उदाहरण है।

